निर्यात संवर्धन योजनाएं

योजना पात्रता निर्धारित शुल्क विवरण
ईपीबी पंजीकरण
निर्माता या व्यापारी निर्यातक (मौजूदा) 1. आईईसी नंबर Rs. 200/-
Rs. 100/- (5 साल के लिए नवीनीकरण)
ईपीबी वेबसाइट पर उपलब्ध फॉर्म भरने पर 5 साल के लिए पंजीकृत होंगे www.epbupindia.com या डीआईसी / ईपीबी कार्यालय से
यह प्रथम अनुरोध में 5 वर्षों के लिए वैध है.
अगर सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएं तो उसी दिन रजिस्ट्री / नवीनीकरण अनुदान पूर्ण होगी
2. एमएसएमई
ज्ञापन / इंडस्ट्रीज़ लाइसेंस(उदपादन की समाप्ती के लिए)
3. आरसीएमसी संबंधित
ईपीसी / बोर्ड (वैकल्पिक)
अनंतिम निर्यातक आईईसी नंबर Rs. 200/-
Rs. 100/- (1 वर्ष के लिए नवीनीकरण)
उपर्युक्त फ़ॉर्म भरने पर निर्यातक का अनंतिम पंजीकरण होगा जो 1 वर्ष के लिए वैध होगा। 1 साल के लिए एक और नवीनीकरण संभव है।
वेबसाइट पर निर्यात इकाई प्रदर्शिनी पंजीकृत निर्यातक Rs. 500/- प्रारंभिक
Rs. 300/-नवीनीकरण
गोल्ड / सिल्वर कार्ड
सिल्वर कार्ड  सीए / बैंक प्रमाणित निर्यात जिसका कारोबार रु.20 लाख के ज्यादा और रु. 50 लाख सालाना से  कम है तथा वह ईपीबी में पंजीकृत है नवीन  Rs. 200/-
नवीनीकरण  Rs. 100/-
2 वर्षों के लिए वैध
गोल्ड कार्ड सीए / बैंक प्रमाणित निर्यात जिसका कारोबार रु. 50 लाख सालाना से  ज्यादा है तथा वह ईपीबी में पंजीकृत है नवीन Rs. 500/-
नवीनीकरण Rs. 300/-
2 वर्षों के लिए वैध
विपणन समर्थन
विदेशी मेले / प्रदर्शनी ईपीबी और संबंधित डीआईसी के साथ पंजीकृत एमएसएमई निर्यात   एक मेले/प्रदर्शिनी के लिए अधिकतम स्टॉल शुल्क का 60% भुगतान रु. 100000/-
एक मेले के लिए प्रति व्यक्ति एयर फेयर (एकोनोमी क्लास) का 50 % किराया रु. 50000/
प्रचार विज्ञापन, कैटेलॉग का मुद्रण एवं वेबसाइट का डेवलपमेंट ईपीबी और संबंधित डीआईसी के साथ पंजीकृत एमएसएमई निर्यात   व्यय की कुल लागत का 60% रु. 60000/- सालाना
विदेशी खरीदारों के लिए नमूने ईपीबी और संबंधित डीआईसी के साथ पंजीकृत एमएसएमई निर्यात   नमूनों को भेजने के लिए एयर फ्रेट कूरियर पर कुल व्यय का 75% अधिकतम सहायता रु.50000 / - प्रति वर्ष
आईएसओ 9001-2000 / बीआईएस 14000, वूल मार्क, हॉल मार्क, एचएसीसीपी और सी-मार्क प्राप्त करने की सुविधा ईपीबी और संबंधित डीआईसी के साथ पंजीकृत एमएसएमई निर्यात   कुल व्यय का 50 % अधिकतम रु. 75000/- प्रति वर्ष
गेट वे पोर्ट तक फ्रेट शुल्क पर सब्सिडी
आईसीडी / सीएफएस द्वारा भेजे गए निर्यात कार्गो ईपीबी और संबंधित डीआईसी के साथ पंजीकृत एसएसआई निर्यात   फ्रेट शुल्क का 25% अधिकतम रु. 5000/- प्रति कंटेनर(20 फीट) राज्य आईसीडी / सीएफएस द्वारा गेटवे पोर्ट तक अपने सामान भेजने के लिए इकाइयों को निर्यात करने के लिए स्वीकार्य है। यह राशि उस जिला उपयोगकर्ता समिति द्वारा स्वीकृत होती है जिसमें संबंधित जिले के जिला अधिकारी अध्यक्ष हैं।
वायु मार्ग द्वारा भेजे निर्यात कार्गो पर सब्सिडी
यू.पी में एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स द्वारा भेजे गए निर्यात कार्गो( अमौसी, लखनऊ तथा बाबतपुर, वाराणसी) एसएसआई निर्यात एवं व्यापारी निर्यातक संग ईपीबी और संबंधित डीआईसी   फ्रेट शुल्क का 20% या रु.50/- प्रति किलो (जो भी कम हो). अधिकतम रु.2.00 लाख प्रति इकाई प्रति वर्ष
राज्य निर्यात पुरस्कार
राज्य निर्यात पुरस्कार 25 निर्दिष्ट श्रेणी   राज्य निर्यात पुरस्कार उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्कृष्ट निर्यातकों को दिया जाता है जो 25 निर्दिष्ट श्रेणी में आते हैं। इसके लिए आवेदन प्रपत्र जीएमडीआईसी कार्यालय / ईपीबी कार्यालय / ईपीबी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास एवं संबंधित गतिविधियों हेतु प्रदेश तो सहता प्रदान करना (एएसआईडीई) निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से सीधे संबंधित परियोजनाएं एसएलईपीसी द्वारा स्वीकृत की जाती हैं   ऐसी निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं राज्य स्तर की निर्यात संवर्धन समिति द्वारा स्वीकृत की जाती है जिसके अध्यक्ष मुख्य सचिव यू.पी. हैं जिसमें सार्वजनिक निजी भागीदारी मोड में परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाता है।
सदस्यों को निर्यात मार्गदर्शन एवं सूचनाएं कोई भी व्यक्ति /एजेंसी जो निर्यात में रुचि रखता है    
निर्यातक क्षमता निर्माण: - कोई भी व्यक्ति जो निर्यात में रुचि रखता है   विभिन्न विषयों पर कार्यशाला / सेमिनार जैसे कि डब्लू.टी.ओ डिज़ाइन डेव्लपमेंट, मुद्रा प्रबंधन, कस्टम प्रक्रिया, प्रोत्साहन इत्यादि आयोजित की जाती हैं यूपी में शीर्ष व्यापार / उद्योग निकाय के साथ
1. निर्यात विपणन, प्रक्रिया और प्रलेखन के लिए प्रशिक्षण
2. निर्यात से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण
निर्यात सूचना अध्ययन, सर्वेक्षण एवं ब्रांड संवर्धन कोई भी व्यक्ति /एजेंसी जो निर्यात में रुचि रखता है   ईपीबी कार्यालय निर्यात उत्पादों, व्यापार , मांग, प्रतिद्वंद्वी देशों, खरीदारों, मेले आदि की तलाश के लिए संभावित स्रोतों के बारे में व्यापार की जानकारी प्रदान करता है। निर्यात की गई वस्तुओं के लिए जीआई पंजीकरण शुरू किया जा रहा है।